Tuesday, August 11, 2009

रिश्ते

हर रिश्ता बेगाना
हर प्यार मतलबी यहाँ
जब तक आप से काम है
रिश्ता हर कोई निभाता यहाँ
वरना तुम कहाँ और मैं कहाँ
ये दस्तूर इस दुनिया का है
जो है अच्छा है
जैसा है अच्छा है
उनके लिए जो बस
अपने वक़्त के साथ
रिश्तो के साथ
मजाक करने आते यहाँ
मेरे जैसे भी कुछ हैं
जो मर कर भी हर रिश्ता
निभाते रहे
टूटते रहे
बार बार
गिरते रहे
फिर भी रिश्ते निभाते रहे
ऐ चेतना
चल आज कुछ के लिए
मर के दिखा
शायद तब ही सीखे
तुमसे तुम्हारे छोटे
जीने की अदा...

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